TET Case Decision : साथियों TET मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को जो फैसला दिया था उसे फैसले के खिलाफ देश भर के नव शिक्षक संगठन के द्वारा TFI यानी टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा बनाए गए, दिनेश चंद शर्मा जी का साफ-साफ कहना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अगली सुनवाई यानी 19 नवंबर 2025 को कोर्ट अपने फैसले को वापस नहीं लेता है तो 21 नवंबर 2025 को दिल्ली के गांधी मैदान में महा रैली, एवं 24 नवंबर 2025 को जंतर मंतर पर बड़ा एवं विशाल धरना किया जाएगा I
यह धरना सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया जाएगा, क्योंकि 19 नवंबर 2025 तक सुप्रीम कोर्ट अपने द्वारा दिए गए TET मामले पर फैसले को लेकर यदि अपनी गलती मानते हुए वापस नहीं किया जाता है तो केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए 24 नवंबर 2025 को अहिंसक रूप में बड़ा एवं विशाल धरना धरना आयोजित किया जाएगा I
TET मामले को लेकर राज्य सरकार की तरफ से राहत : TET Case Decision
एक तरफ शिक्षक संगठन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की कड़ी आलोचना कर रहे हैं, तो उन शिक्षक संगठनों के साथ कई राज्य सरकार भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की कड़ी निंदा कर रही हैं, जैसे उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा इस फैसले को वापस लेने के लिए एवं पुनर्विचार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसमें अगली सुनवाई नवंबर 2025 में होने वाली है इस सुनवाई में जो फैसला होगा वह आने वाले समय में शिक्षकों के भविष्य की दिशा और दशा दोनों तय करेगा I

TET मामले को लेकर क्यों हो रहा है विरोध :
साथियों आपको बता दें कि 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा TET Case Decision यह फैसला दिया गया कि देशभर में जितने भी शिक्षक नियुक्त हो चुके हैं, और जिन शिक्षकों ने नियुक्ति की समय TET पात्रता परीक्षा को पास नहीं किया था, अब उन सभी शिक्षकों को नए 1 सितंबर 2027 यानी 2 साल के अंदर दोबारा से अपनी पात्रता को TET पास करके सिद्ध करना होगा I तो ऐसे में शिक्षक संघ इसका विरोध कर रहे हैं कि जिन शिक्षकों की आयु 53 साल, या 54 वर्ष या अन्य उम्र से हो गई है अब वह पढ़ाई कैसे करेंगे I
TET मामले को लेकर शिक्षकों की मांग क्या है : TET Case Decision 2025
टेट मामले को लेकर शिक्षकों की मांग यह है कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गए आदेश में ऐसे शिक्षकों को राहत मिलनी चाहिए जो 2011 के पहले नियुक्त हो चुके हैं, क्योंकि हमारे देश में कानून बनाकर TET पात्रता परीक्षा को 2011 के बाद ही लागू किया गया था I तो ऐसे में 2010 या 2011 की पूर्व शिक्षकों को इससे राहत मिलनी चाहिए क्योंकि तब कानून बना ही नहीं था जब इन शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी थी I
